भारत की परमाणु यात्रा में एक नया अध्याय

भारत ने अपने परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण उपलब्‍धि हासिल की है। तमिलनाडु के कल्पक्कम में स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (पीएफबीआर) ने 6 अप्रैल 2026 को सफलतापूर्वक अपनी प्रथम क्रिटिकैलिटी (स्व-धारित नाभिकीय श्रृंखला अभिक्रिया की स्थिति) प्राप्त की, जो एक सतत् परमाणु श्रृंखला अभिक्रिया की शुरुआत का संकेत है। यह पीएफबीआर एक 500 मेगावाट विद्युत (एमडब्ल्यूई) रिएक्टर है, जिसे भारतीय नाभिकीय विद्युत निगम लिमिटेड (भाविनी) द्वारा कल्पक्कम नाभिकीय परिसर में निर्मित किया गया है।

वैज्ञानिकों ने मेंढकों से प्रेरित एक ऐसा सेंसर विकसित किया है जो नमी के प्रति संवेदनशील है और मस्तिष्क की तरह काम करता है

एक नवीन न्यूरोमॉर्फिक सेंसर, जो पर्यावरणीय परिवर्तनों, मुख्य रूप से आर्द्रता, के प्रति मस्तिष्क की प्रतिक्रिया की नकल करता है, और जैविक प्रणालियों के समान एक ही उपकरण में जानकारी को प्रोसेसिंग और संग्रहीत करने की क्षमता रखता है, पारंपरिक इलेक्ट्रॉनिक्स की तुलना में ऊर्जा खपत और डेटा-प्रोसेसिंग आवश्यकताओं को काफी कम कर सकता है।