कैबिनेट ने निर्यातकों के लिए ऋण गारंटी योजना (सीजीएसई) को मंज़ूरी दी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज निर्यातकों के लिए ऋण गारंटी योजना (सीजीएसई) शुरू करने को मंज़ूरी दे दी। इससे राष्ट्रीय ऋण गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड…

वंदे मातरम के 150 साल

अक्टूबर 1905 में, उत्‍तरी कलकत्ता में मातृभूमि को एक मिशन और धार्मिक जुनून के तौर पर बढ़ावा देने के लिए एक 'बंदे मातरम संप्रदाय'की स्थापना की गई थी। इस संप्रदाय के सदस्य हर रविवार को"वंदे मातरम" गाते हुए प्रभात फेरियाँ निकालते थे और मातृभूमि के समर्थन में लोगों से स्‍वैच्छिक दान भी लेते थे। इस संप्रदाय की प्रभात फेरियों  में कभी-कभी रवींद्रनाथ टैगोर भी शामिल होते थे।

भारत की परमाणु यात्रा में एक नया अध्याय

भारत ने अपने परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण उपलब्‍धि हासिल की है। तमिलनाडु के कल्पक्कम में स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (पीएफबीआर) ने 6 अप्रैल 2026 को सफलतापूर्वक अपनी प्रथम क्रिटिकैलिटी (स्व-धारित नाभिकीय श्रृंखला अभिक्रिया की स्थिति) प्राप्त की, जो एक सतत् परमाणु श्रृंखला अभिक्रिया की शुरुआत का संकेत है। यह पीएफबीआर एक 500 मेगावाट विद्युत (एमडब्ल्यूई) रिएक्टर है, जिसे भारतीय नाभिकीय विद्युत निगम लिमिटेड (भाविनी) द्वारा कल्पक्कम नाभिकीय परिसर में निर्मित किया गया है।

वैज्ञानिकों ने मेंढकों से प्रेरित एक ऐसा सेंसर विकसित किया है जो नमी के प्रति संवेदनशील है और मस्तिष्क की तरह काम करता है

एक नवीन न्यूरोमॉर्फिक सेंसर, जो पर्यावरणीय परिवर्तनों, मुख्य रूप से आर्द्रता, के प्रति मस्तिष्क की प्रतिक्रिया की नकल करता है, और जैविक प्रणालियों के समान एक ही उपकरण में जानकारी को प्रोसेसिंग और संग्रहीत करने की क्षमता रखता है, पारंपरिक इलेक्ट्रॉनिक्स की तुलना में ऊर्जा खपत और डेटा-प्रोसेसिंग आवश्यकताओं को काफी कम कर सकता है।